कोरोना के बाद हन्ता वायरस का डर! जानिए कितना खतरनाक है यह वायरस

जिस समुद्री जहाज से हंता वायरस फैलने की खबर आई थी, वह इस हफ्ते के अंतिम तक कैनरी आईलैंड्स पे रुकने वाली है.

एमवी होडियंस जो एक जहाज का नाम है, यात्रा कर रहे पांच लोग हंता वायरस की संक्रमण की पुष्टि हुई है, जबकि आठ अन्य लोग संदिग्ध माना जा रहा है!

संक्रमित लोगों में एक टच महिला भी शामिल थीं जिनकी मौत हो चुकी है. इसके अलावा एक ब्रिटिश यात्री दक्षिण अफ्रीका के अस्पताल के आईसीयू वार्ड में भर्ती है, एक स्विच नागरिक का इलाज ज्यूरिख के अस्पताल में चल रहा है.

संदिग्ध मामलों में एक ब्रिटिश नागरिक,एक जहाज का एक डच क्रू सदस्य और एक जर्मन यात्री भी शामिल है! इनमें से दो लोगों को बेहतर इलाज के लिए नीदरलैंड ले जाया गया है, जबकि तीसरे व्यक्ति की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है!

हालांकि अब तक इनमें से किसी का रिपोर्ट हंता वायरस से पॉजिटिव की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन दोनों में लक्षण पाए गए हैं.वही दो अन्य ब्रिटिश यात्री संभावित संपर्क होने के कारण अपने घरों में आइसोलेशन में रह रहे हैं!

ब्रिटेन के स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी के अनुसार संबंधित यात्री यात्रा तो कर रहे थे,लेकिन शुरुआती चरण में ही वह जहाज़ से उतर गए थे,फिलहाल उसमें हंता वायरस जैसे कोई लक्षण दिखाई नहीं दिए हैं! यह जहाज अर्जेंटीना से अटलांटिक महासागर पार करते हुए कप वर्डे की ओर जा रहा था!

वहीं अमेरिका के एरिजोना और जार्जिया के राज्यों की सुरक्षा अधिकारियों ने BBC NEWS को बताया कि वह उन तीन यात्रियों पर निगरानी रख रहे हैं, जो जहाज के केप वर्डे पहुंचने से पहले उतरकर अमेरिका लौट गए थे! राहत की बात यह है कि इन यात्रियों में अब तक हंता वायरस के कोई लक्षण नहीं मिले हैं!

खबर यह है कि एमवी होडियंस नामक इस जहाज जो कैनरी आइसलैंड की ओर बढ़ रहा है, वहां पहुंचने के बाद घर लौटने से पहले मेडिकल जांच की जाएगी.

हंता वायरस का नाम कैसे पड़ा?

हंता वायरस का नाम दक्षिण कोरिया की “हंतान नदी” (Hantan River) के नाम पर रखा गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, इस वायरस परिवार की 20 से ज्यादा अलग-अलग प्रजातियां मौजूद हैं।

कैसे फैलता है हंता वायरस?

यह वायरस आमतौर पर संक्रमित चूहों, गिलहरियों और दूसरे रोडेंट्स के सूखे मल, मूत्र या लार के संपर्क में आने से फैलता है। जब संक्रमित धूल हवा में मिलती है और जब वही हवा इंसान लेता है,तब संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।

एंडीज़ वायरस क्यों है सबसे अलग?

एंडीज़ वायरस हंता वायरस की एक खास किस्म है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह वायरस एक इंसान से दूसरे इंसान में भी फैल सकता है, हालांकि ऐसे मामले बहुत कम देखे गए हैं।

यह वायरस मुख्य रूप से अर्जेंटीना और चिली जैसे दक्षिण अमेरिकी देशों में पाया जाता है, लेकिन हाल ही में दक्षिण अफ्रीका में भी इसके मामले सामने आए हैं।

दक्षिण अफ्रीका में मिले मामले

दक्षिण अफ्रीका के स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार, हाल ही में दो यात्रियों में एंडीज़ वायरस की पुष्टि हुई है। एक ब्रिटिश नागरिक जोहान्सबर्ग के अस्पताल में भर्ती है, जबकि एक डच महिला की इस संक्रमण के कारण मौत हो गई। इन मामलों के बाद स्वास्थ्य एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं।

कुछ साल (2018) पहले भी बड़ा प्रकोप

साल 2018 के आखिर में अर्जेंटीना में एंडीज़ वायरस का बड़ा प्रकोप देखने को मिला था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक पार्टी में शामिल हुए लोगों के जरिए संक्रमण फैला था। माना जाता है कि एक संक्रमित व्यक्ति ने अनजाने में 34 लोगों तक वायरस पहुंचा दिया, जिनमें से 11 लोगों की मौत हो गई थी।

हंता वायरस के लक्षण

हंता वायरस के लक्षण फ्लू जैसे हो सकते हैं, जैसे तेज बुखार, शरीर में दर्द, थकान, सांस लेने में दिक्कत, सिरदर्द, उल्टी और पेट दर्द। गंभीर मामलों में यह फेफड़ों और किडनी को भी नुकसान पहुंचा सकता है।

बचाव कैसे करें?

आपको एंडीज़ वायरस से बचाव के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना होगा। चूहों और गंदगी से दूरी बनाकर रखें, घर और आसपास सफाई रखें, बंद जगहों की सफाई करते समय मास्क पहनें, और संक्रमित जानवरों के संपर्क से बचें।

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