तमिलनाडु की राजनीति में इस बार ऐसा राजनीतिक भूचाल आया है जिसने दशकों पुरानी द्रविड़ राजनीति की नींव हिला दी है। अभिनेता से नेता बने Vijay की पार्टी Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK) ने अपने पहले ही विधानसभा चुनाव में 234 में से 108 सीटें जीतकर इतिहास रच दिया है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है — क्या विजय तमिलनाडु में सरकार बना पाएंगे?
राज्यपाल से मिले विजय, सरकार बनाने का दावा पेश
चुनाव परिणाम आने के बाद बुधवार को TVK प्रमुख विजय ने Rajendra Vishwanath Arlekar से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया।
TVK भले ही सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी हो, लेकिन बहुमत के लिए जरूरी 118 सीटों से अभी भी 10 सीट दूर है। ऐसे में अब तमिलनाडु की राजनीति में जोड़-तोड़, समर्थन और गठबंधन की चर्चा तेज हो गई है।
तमिलनाडु चुनाव 2026 रिजल्ट: किसे कितनी सीटें?
| पार्टी | सीटें |
|---|---|
| TVK | 108 |
| DMK | 59 |
| AIADMK | 47 |
| अन्य | 20 |
दशकों से तमिलनाडु की राजनीति पर राज करने वाली Dravida Munnetra Kazhagam (DMK) और All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam (AIADMK) इस बार जनता के गुस्से का शिकार होती दिखीं।
DMK को सिर्फ पांच साल में सत्ता गंवानी पड़ी, जबकि AIADMK वापसी करने में असफल रही।
क्या विजय सरकार बना पाएंगे?
राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार विजय के पास सरकार बनाने के तीन बड़े रास्ते हैं:
1. निर्दलीयों और छोटी पार्टियों का समर्थन
अगर TVK अन्य 20 विधायकों में से कम से कम 10 का समर्थन जुटा लेती है, तो विजय आसानी से सरकार बना सकते हैं।
2. AIADMK का बाहर से समर्थन
AIADMK और DMK की पुरानी राजनीतिक दुश्मनी को देखते हुए AIADMK, DMK को सत्ता से दूर रखने के लिए TVK को बाहर से समर्थन दे सकती है।
3. गठबंधन सरकार
तमिलनाडु में पहली बार “पोस्ट-पोल गठबंधन” की राजनीति देखने को मिल सकती है।
आखिर विजय की पार्टी इतनी तेजी से कैसे उभरी?
विजय ने अपनी चुनावी रैलियों में बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, युवाओं की समस्याएं और नई राजनीति का मुद्दा जोर-शोर से उठाया।
युवाओं और पहली बार वोट डालने वाले मतदाताओं में उनकी लोकप्रियता जबरदस्त रही। सोशल मीडिया पर भी TVK का प्रचार काफी वायरल हुआ।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जनता DMK और AIADMK के बीच घूमती राजनीति से ऊब चुकी थी और उसे एक नए चेहरे की तलाश थी।
क्या तमिलनाडु की राजनीति बदल जाएगी?
अगर विजय सरकार बनाने में सफल रहते हैं, तो यह तमिलनाडु की राजनीति में सबसे बड़ा बदलाव माना जाएगा।
यह सिर्फ एक चुनावी जीत नहीं होगी, बल्कि दशकों पुरानी द्रविड़ राजनीति के अंत की शुरुआत भी मानी जा सकती है।
जनता क्या कह रही है?
सोशल मीडिया पर लोग इसे “तमिलनाडु का राजनीतिक रिवॉल्यूशन” बता रहे हैं।
कुछ लोग विजय को नया करिश्माई नेता मान रहे हैं, जबकि विरोधी इसे “स्टारडम की राजनीति” कह रहे हैं।
लेकिन फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है:
