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भारत में सबसे ज्यादा घुसपैठिए कहां? टॉप-5 राज्यों के नाम जानकर चौंक जाएंगे!

पीएम मोदी के द्वारा दिए गए राज्यसभा मे बयान के बाद ही घुसपैठिए का मुद्दा केंद्र में आया है,ऐसे में सवाल यह है कि किस राज्य में कितने घुसपैठ है इसी क्रम में देश के पांच राज्यों के बारे में आपको जान लेना चाहिए!

क्या घुसपैठियों वाला मुद्दा अभी भी बीजेपी के पास है?

4 में 2026 को बंगाल चुनाव का परिणाम में आ गया, बीजेपी को पूर्ण बहुमत प्राप्त हुआ, वैसे में एक सवाल यह बनता है, जो बीजेपी लगातार ममता सरकार पर ये आरोप लगा रही थी की ममता सरकार घुसपैठियों को पनाह देती है, और उसी घुसपैठियों की वोट की बदौलत ही ममता सरकार पश्चिम बंगाल में सत्ता में है, अब तो इस सवाल का कोई मतलब नहीं बनता!

सरकार के आंकड़े क्या कहते हैं?

एबीपी न्यूज की रिपोर्ट अनुसार केंद्र सरकार की ओर से तत्कालीन केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने 2016 में संसद में हो रहे बहस के दौरान बताया था कि भारत में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी की संख्या लगभग 2 करोड़ है, इससे पहले कांग्रेस की सरकार ने 2004 में इस संख्या को 1.2 करोड़ बताई थी, यह आंकड़ा सिर्फ बांग्लादेश से आए अवैध प्रवासियों से ही जुड़े थे जबकि नेपाल,म्यांमार और अन्य सीमावर्ती देशों से आए लोगों को शामिल नहीं किया जाता था , लेकिन अभी 2026 की रिपोर्ट की माने तो यह संख्या बड़ी होने की आशंका जताई जा रही है!

पहला राज्य: पश्चिम बंगाल

जब कभी संसदीय चर्चाओं में घुसपैठियों की बात आती है तो पश्चिम बंगाल का नाम सबसे ऊपर आता है भारत बांग्लादेश की सीमा (4096.7 km) लंबी होने के कारण अवैध घुसपैठयो की चुनौती से निपटना सरकार के लिए एक बहुत बड़ा मुद्दा बना हुआ है, अलग-अलग रिपोर्ट और सरकारी अनुमान को माने तो यहां बिना दस्तावेज के रहने वालों की संख्या लगभग 57 लाख बताई जा रही है यही वजह है कि लगातार केंद्र सरकार और ममता सरकार के बीच आपस में टकराव बना रहता है.

दूसरा राज्य:असम

अगर असम की बात करें तो घुसपैठ का मुद्दा कई दशकों को पुराना है. एक लंबी सीमा बांग्लादेश के साथ साझा होने के कारण यहां का जनसंख्या संरचना में बदलाव एक बहुत बड़ी समस्या रही है और इसके लिए समय-समय पर आंदोलन भी होते रहे हैं, इसी कारण एनआरसी यानी नेशनल रजिस्टर ऑफ़ सिटीजंस की प्रक्रिया भी शुरू की गई थी, इसके बाद करीब 19 लाख लोगों पर फर्जी नागरिक होने का सवाल खड़ा हुआ लेकिन अगर सरकारी आंकड़ा को समझे तो सरकार 50 लाख अवैध प्रवासी की संख्या बता रही है.

महाराष्ट्र, दिल्ली और बिहार

बंगाल से सटे होने के कारण बिहार में भी अवैध  प्रवासियों की संख्या में बढ़ोतरी देखी गई है, महाराष्ट्र और दिल्ली सीमावर्ती राज नहीं होने के बावजूद भी अवैध घुसपैठ की पहचान की गई है, बेहतर रोजगार, बेहतर कमाई और बेहतर जीवन शैली जीने के लिए अवैध प्रवासी इन महानगरों में आकर बस जाते हैं

विचार

सबसे बड़ा सवाल यह है कि मोदी सरकार पिछले 12 सालों से केंद्र की सत्ता में है,पश्चिम बंगाल जो अवैध घुसपैठियों की मुद्दों लेकर पीएम मोदी और अमित शाह लगातार हमला करती रही है,वहां भी अब बीजेपी की सरकार है,बिहार में भी बीजेपी की सरकार है,महाराष्ट्र में भी बीजेपी की सरकार है,असम में भी बीजेपी की सरकार है,और दिल्ली में भी बीजेपी की सरकार है, तो सभी संवेदनशील जगहों पर बीजेपी की सरकार है जहां घुसपैठिए का मुद्दा लगातार खबरों में बना रहता है,तो अब मेरा यह मानना है कि अब ये मुद्दा बिल्कुल खत्म हो जाना चाहिए क्योंकि बीजेपी जो चाहती थी कि वहां उनकी सरकार बने और अवैध घुसपैठियों  को वह निकल बाहर फेंकेगी!

तो सवाल यह है क्या बीजेपी यह कर पाएगी?

भारत में सोना हुआ महंगा!(Gold Import Duty) 15% आयात शुल्क बढ़ने से क्या टूटेगी डिमांड, UAE को होगा फायदा?

भारत सरकार ने सोने और चांदी के आयात पर बड़ा फैसला लेते हुए Gold Import Duty यानी सोना पे आयात शुल्क को 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया है। अब 3% जीएसटी जोड़ने के बाद कुल टैक्स करीब 18.45% तक पहुंच जाएगा, जो पहले 9.18% था,साफ शब्दों में बोला जाए तो लगभग 100% की बढ़ोतरी हुई है

यानी अगर पहले 100 रुपये का सोना विदेश से भारत आता था, तो उस पर करीब 9 रुपये टैक्स लगता था। अब वही टैक्स बढ़कर लगभग 18 रुपये से ज्यादा हो जाएगा। साफ शब्दों में कहें तो सरकार ने सोने के आयात को काफी महंगा बना दिया है।

सरकार ने अचानक इतना बड़ा फैसला क्यों लिया?

दरअसल, पिछले कुछ महीनों में भारत में सोने और चांदी का आयात तेजी से बढ़ा है।
वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक:

  • 2025-26 में भारत ने करीब 72 अरब डॉलर का सोना आयात किया
  • यह पिछले साल के मुकाबले लगभग 25% ज्यादा है
  • वहीं चांदी का आयात 12 अरब डॉलर से ऊपर पहुंच गया
  • सिल्वर इम्पोर्ट में 150% तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई

सरकार को डर है कि अगर इसी तरह सोने की खरीद बढ़ती रही तो देश के विदेशी मुद्रा भंडार और व्यापार घाटे पर दबाव बढ़ सकता है।

क्या अब भारत में कम होगी सोने की खरीदारी?

विशेषज्ञ मानते हैं कि बढ़े हुए टैक्स का सीधा असर आम ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा। सोना पहले ही रिकॉर्ड ऊंचाई पर है, ऊपर से भारी टैक्स लगने के बाद इसकी कीमत और बढ़ सकती है। सरल भाषा में समझें तो अब शादी-ब्याह और निवेश के लिए सोना खरीदना पहले से ज्यादा महंगा हो जाएगा। ऐसे में कई लोग खरीदारी टाल सकते हैं।

क्या UAE को मिलेगा फायदा?

भारत और UAE के बीच हुए CEPA समझौते के बाद वहां से आने वाले सोने पर पहले कुछ राहत मिलती थी। लेकिन अब नई ड्यूटी व्यवस्था से पूरा गणित बदल सकता है।

दिल्ली के थिंक टैंक GTRI का मानना है कि इससे UAE के जरिए होने वाले कीमती धातुओं के कारोबार पर असर पड़ सकता है। हालांकि कुछ व्यापारी अब भी टैक्स बचाने के लिए UAE रूट को ज्यादा इस्तेमाल करने की कोशिश कर सकते हैं।

क्या बढ़ सकती है सोने की तस्करी?

इतिहास गवाह है कि जब भी भारत में सोने पर टैक्स बढ़ता है, तस्करी बढ़ने लगती है,विशेषज्ञों को डर है कि इस फैसले के बाद अवैध तरीके से सोना लाने के मामले बढ़ सकते हैं।क्योंकि भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा गोल्ड उपभोक्ता है और यहां सोने की मांग पूरी तरह खत्म होना आसान नहीं है।

पीएम मोदी ने भी की अपील

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक आर्थिक दबाव के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi ने लोगों से अपील की है कि वे एक साल तक सोने की खरीद कम करने की कोशिश करें।

सरकार का मानना है कि इससे विदेशी मुद्रा बचाने में मदद मिलेगी और रुपये पर दबाव भी कम होगा।

अब आगे क्या?

आने वाले महीनों में सबसे बड़ा सवाल यही रहेगा कि:

  • क्या भारतीय वाकई सोना खरीदना कम करेंगे?
  • क्या टैक्स बढ़ने से तस्करी बढ़ जाएगी?
  • क्या UAE के जरिए कारोबार का नया रास्ता निकलेगा?
  • और क्या सरकार का यह फैसला व्यापार घाटा कम कर पाएगा?

फिलहाल इतना तय है कि अब भारत में सोना खरीदना पहले से कहीं ज्यादा महंगा होने वाला है।

Mandana Karimi Leaves India: 16 साल बाद भारत छोड़ने पर छलका दर्द

करीब 16 साल तक भारत में रहने के बाद ईरानी अभिनेत्री Mandana Karimi ने देश छोड़ने का फैसला कर लिया है। इस खबर ने उनके फैंस को काफी हैरान कर दिया है। सोशल मीडिया पर अचानक सामने आए इस अपडेट के बाद लोग लगातार उनकी पोस्ट पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं।


मंदाना करीमी ने इंस्टाग्राम पर “Ask Me Anything” सेशन के दौरान एयरपोर्ट से एक वीडियो शेयर किया। वीडियो में उन्होंने बताया कि वह भारत छोड़ रही हैं और यह फैसला उनके लिए बिल्कुल आसान नहीं था। अभिनेत्री ने कहा कि भारत लंबे समय तक उनका दूसरा घर रहा, लेकिन अब चीजें पहले जैसी नहीं रहीं।

सुरक्षा और धमकियों का किया जिक्र

इससे पहले भी मंदाना संकेत दे चुकी थीं कि वह भारत छोड़ सकती हैं। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि उन्हें लंबे समय से कई तरह की परेशानियों और धमकियों का सामना करना पड़ रहा था। अभिनेत्री के मुताबिक, ईरान से जुड़े मुद्दों पर खुलकर बोलने और वहां के हालात पर अपनी राय रखने की वजह से उन्हें मुश्किलें झेलनी पड़ीं।
जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें जान से मारने की धमकियां भी मिली थीं, तो उन्होंने साफ कहा — “हमेशा।”

अब घर जैसा महसूस नहीं होता

मंदाना करीमी ने यह भी कहा कि इस मुश्किल दौर में उन्हें वैसा साथ नहीं मिला जिसकी उन्हें उम्मीद थी। उनके मुताबिक, न दोस्तों से ज्यादा सपोर्ट मिला, न मीडिया से और न ही सिस्टम से।


अभिनेत्री ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने हमेशा अपने देश ईरान और वहां के लोगों के लिए आवाज उठाई। उन्होंने यह भी कहा कि अगर उन्हें दोबारा मौका मिले, तो वह फिर वही रास्ता चुनेंगी।


मंदाना के इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर फैंस भावुक नजर आए। कई लोगों ने उनके लिए शुभकामनाएं दीं, जबकि कुछ लोगों ने कहा कि उन्हें भारत में ही रहना चाहिए था।

क्या MS धोनी ETPL खेलेंगे? अभिषेक बच्चन की दिल की बात जुबां पर आई

महेंद्र सिंह धोनी इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास के बाद भी क्रेज उनका कम नहीं हुआ है! महेंद्र सिंह धोनी को चाहने वाले आज भी उनको क्रिकेट खेलता हुआ देखना चाहते हैं, धोनी अभी भी चेन्नई सुपर किंग्स का हिस्सा है लेकिन पिंडली में चोट के कारण वह सीजन में अभी तक नहीं खेले हैं लेकिन फैन्स आज भी बेसब्री से वापसी का इंतजार कर रहा है!

एमएस धोनी को लेकर अभिषेक बच्चन ने क्या कहा

बॉलीवुड एक्टर अभिषेक बच्चन से जब पूछा गया कि वह किस भारतीय क्रिकेटर को ईटीपीएल यानी यूरोपीय T20 प्रीमियर लीग में खेलते देखना चाहेंगे, तो इस सवाल पर बिना एक पल गवाएं उन्होंने महेंद्र सिंह धोनी का नाम लिया! हालांकि धोनी 2020 में ही इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले लिया था लेकिन आज भी उनकी लोकप्रियता देश दुनिया में बरकरार है

बॉलीवुड एक्टर अभिषेक बच्चन ने BCCI के उस नियम का भी जिक्र किया,जिसकी वजह से भारतीय खिलाड़ी विदेशी के T20 लीग में हिस्सा नहीं ले सकते, उन्होंने यह भी कहा कि हम तो चाहते हैं कि भारतीय खिलाड़ी भी ईटीपीएल का हिस्सा बने लेकिन जैसा कि बीसीसीआई के कॉन्ट्रैक्ट वाले खिलाड़ी आईपीएल से के बाहर किसी विदेशी लीग में खेलने की अनुमति नहीं है,तो उसे हम लोग बिल्कुल मिस करेंगे अगर होता तो यह शानदार होता!

बीसीसीआई का नियम क्या कहता है?

बीसीसीआई के अभी जो नियम है उनके अनुसार बीसीसीआई के साथ जो भी भारतीय क्रिकेटर कॉन्ट्रैक्ट में है,वह किसी भी दुनिया के विदेशी क्रिकेट लीग में नहीं खेल सकते है,बीसीसीआई इसकी इजाजत नहीं देता है, सिर्फ वही भारतीय खिलाड़ी विदेशी T20 लीग में खेल सकते हैं, जिन्होंने T20,वन डे और टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया हो और साथ-साथ आईपीएल से भी संन्यास ले लिया हो! कहा तो जाता है कि यह नियम इसलिए बीसीसीआई ने रखा है ताकि घरेलू क्रिकेट को मजबूत कर सके और आईपीएल का पहचान देश दुनिया में बना कर रखें इसी वजह से धोनी एटीपीएल नहीं खेल सकते!

ETPL कब से शुरू होगी?

एटीपीएल यानी यूरोपीय T20 प्रीमियर लीग 26 अगस्त से शुरू होगी और 20 सितंबर को समाप्त होना है, एटीपीएल एक नई फ्रेंचाइजी आधारित क्रिकेट लीग है, जिसमें भारत के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी जो दीवार के नाम से टेस्ट क्रिकेट में जाने गए और पूर्व कोच राहुल द्रविड़ डबलिन गार्डिंयंस टीम के co-owner है! वही,मैक्सवेल, स्टीव वा,जोंटी रोड्स जैसे कई क्रिकेट के जाने-माने सितारे भी अलग-अलग टीम के हिस्सा होंगे!

Bollywood में सबसे ज्यादा सोना किसके पास? नाम जानकर आपके भी उड़ जाएंगे होश

Bollywood’s Biggest Gold Jewellery Lover: पीएम Narendra Modi ने देशवासियों से अपील की है कि वह एक साल तक सोना ना खरीदे, लेकिन क्या आपको पता है कि बॉलीवुड में सबसे ज्यादा सोना किस एक्टर के पास है?

पीएम मोदी एक रैली के संबोधन के दौरान देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा की सोने के भाव बढ़ रहे हैं इसलिए फिलहाल 1 साल तक सोना ना खरीदने की देशवासियों से अपील की!

यहीं से मार्केट में गोल्ड को लेकर खूब चर्चा हो रही है लेकिन क्या आपको पता है कि बॉलीवुड में किस एक्टर या एक्ट्रेस के पास सबसे ज्यादा गोल्ड है इस ग्लैमरस इंडस्ट्री में लग्जरी लाइफ जीने के साथ-साथ गोल्ड डायमंड के भी काफी शौकीन लोग हैं.आप उनके ज्वेलरी कलेक्शन के बारे में जानोगे तो आपके होश उड़ जाएंगे, तो चलिए इस रिपोर्ट में जानते हैं!

कितना सोना या ज्वेलरी है कंगना रनौत के पास?

Source-instagram @kanganaranaut

ABP News की एक रिपोर्ट के अनुसार और एक्टर टर्न पॉलिटिशियन कंगना रनौत ने अपने चुनावी में हलफनामे में दिए जानकारी के अनुसार उनके पास 6700 ग्राम यानी 6.7 किलोग्राम सोना है, उनकी गोल्ड कलेक्शन की कीमत करीब 5 करोड़ से ज्यादा है. कंगना रनौत के पास सोने के अलावा चांदी चांदी भी है जो करीब 60 किलो बताया है उसके अलावा 3 करोड़ के हीरे भी है जो उन्होंने अपने चुनावी हलफनामा में बताया है!

कितना सोना या चांदी है हेमा मालिनी के पास?

अपने जमाने के बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेत्री और एक्टर टर्न पॉलिटिशियन बीजेपी सांसद हेमा मालिनी के पास भी गोल्ड डायमंड ज्वेलरी का कलेक्शन है. 2024 के चुनावी हालकनामा में दिए जानकारी के अनुसार उनके पास 3.39 करोड़ से ज्यादा कीमत की सोने चांदी और हीरे के ज्वेलरी है इससे पहले उन्होंने 2011 की हलफनामा में जो बताया था की उनके पास 5 किलो सोना और 25 किलो से ज्यादा चांदी थी.

अमिताभ बच्चन और जया बच्चन के पास कितना गोल्ड?

बॉलीवुड के शानदार अभिनेता अमिताभ बच्चन उनकी पत्नी एक्ट्रेस टर्न पॉलिटिशियन जया बच्चन के पास भी खूब सोना और चांदी का कलेक्शन है, 2024 के चुनाव में दिए हलफनामा के अनुसार उनके पास 40.97 करोड़ के हीरे और सोने की ज्वेलरी है जबकि अमिताभ बच्चन के पास 54.77 करोड़ के ज्वेलरी है और दोनों को अगर कंबाइन करके देख तो 95 करोड़ के ज्वेलरी होता है!

बॉलीवुड एक्ट्रेस जयाप्रदा के पास कितना है सोना और चांदी?

अपने जमाने के दिग्गज एक्ट्रेस टर्न पॉलीटिशियन जयप्रदा जो उत्तर प्रदेश के रामपुर के पूर्व सांसद है, मीडिया रिपोर्ट्स एंड चुनावी हलफनामे के अनुसार उनके पास लगभग 2000 ग्राम यानी 2 किलो सोना है!

तमिलनाडु के Cm थलापति विजय के पास कितना सोना?

चुनावी एफिडेविट के अनुसार थलापति विजय के पास 833 ग्राम सोना है और उनके सोने की कीमत का आकड़ा लगाया जाए तो 1.2 करोड़ बताए गया हैं, उनके पास सोने के अलावा 15 लाख रुपये की चांदी भी है!

(Note: यह रिपोर्ट उन सेलिब्रिटी के बारे में है जो पॉलिटिकल एक्टिव है और ऊपर दिए गए सारे जानकारी उनके चुनावी हलफनामे में दिए गए जानकारी से लिया गया है!)

सोना ना खरीदने और खाने के तेल कम इस्तेमाल करने की पीएम मोदी ने अपील क्यों की?

पीएम मोदी की अपील विदेश यात्रा को घटाएं, वर्क फ्रॉम होम को अपनाये, क्या ईरान इजरायल युद्ध का असर अब भारत के इकोनॉमी पर पड़ने लगा है?

मध्य पूर्व में जारी तेल संकट और तेल सप्लाई में आई बाधा के कारण,अब इसका असर भारत के अर्थव्यवस्था पर इसका तस्वीर साफ दिखाई देने लगा है, अब तो प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भी देशवासियों से अपील की है, कि वह एक बार फिर से ‘वर्क फ्रॉम होम’को अपनाये और अपने विदेश यात्राओं को कम से कम कर दे और ईंधन बचाने के लिए ज्यादा से ज्यादा सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करें!

क्यों अपील कर रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

भारत अपनी जरूरत का लगभग 90% कच्चा तेल दूसरे देशों से आयात करता है, लेकिन अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग के कारण दुनिया के सबसे अहम कच्चे तेल मार्ग “स्टेट आफ होमुर्ज़”कई हफ्तों से बाधित है! इसे अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमत में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है! अब इसका सीधा असर भारत के आयात बिल,भारत की महंगाई और भारत की अर्थव्यवस्था पर साफ दिखाई दे रहा है!

पीएम मोदी ने क्या-क्या अपील की

प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से अपील की वे:

  • ज्यादा से ज्यादा सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करें
  • विदेश यात्रा में कटौती करें
  • कारपूलिंग अपनाएं
  • सोने की खरीद को कम कर दे ताकि विदेशी मुद्रा की बचत हो
  • किसान उर्वरकों का इस्तेमाल आधा करने की कोशिश करें

पीएम मोदी ने कहा कि भारत के पास बड़े-बड़े तेल के कुए नहीं है, हमें अपनी जरूरत के लिए कच्चे तेल बाहरी देशो से आयात करने पड़ते हैं, युद्ध की वजह से हमारे कच्चे तेल का सप्लाई प्रभावित हुआ है,साथ ही उन्होंने कहा कि हमारी सरकार पिछले 2 महीना से इस संकट घड़ी में देशवासियों को बचाने की पूरी प्रयास कर रही है, नागरिकों पर किसी प्रकार का बोझ ना पड़े इसके लिए सरकार ने सारा बोझ अपने कंधे पर उठाकर चल रही है!

प्रधानमंत्री के अपील का असर शेयर बाजार पर भी दिखा

सोमवार को भारतीय शेयर बाजार की खुलते ही इसका असर दिखना शुरू हो गया, सेंसेक्स शुरूआती घंटे में ही 1000 अंको से ज्यादा टूट गए,निवेश को में डर और मध्य पूर्व में संकट लंबा चला तो भारतीय अर्थव्यवस्था को गंभीर चोट पहुंचा सकता है!

किन सेक्टरों को है सबसे ज्यादा खतरा

अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में तेल की कीमत बढ़ने से कई उद्योग पर असर देखने शुरू हो गया है:

  • डिस्पोजेबल ग्लास और प्लास्टिक फैक्ट्रियां
  • ट्रांसपोर्ट सेक्टर
  • एयरलाइंस
  • टाइल्स उद्योग
  • खेती और खाद आपूर्ति

विशेषज्ञों की माने तो अगर हालात जल्द से जल्द नहीं सुधरेंगे तो खाद महंगाई और बेरोजगारी दोनों बढ़ सकती है!

विपक्ष ने सरकार को घेरा

कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने पीएम मोदी की अपील को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि सरकार अपनी जिम्मेदारी का बोझ जनता पर डाल रही है,

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक पर लिखा कि यह कोई सुझाव नहीं है बल्कि सरकार की नाकामी का सबूत है!

वहीं कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल लेकर कहा की अमेरिका ईरान युद्ध के कई महीना बीत चुके हैं,लेकिन पीएम मोदी को अब समझ में आ रहा है कि भारत की ऊर्जा को कैसे सुनिश्चित किया जाए.

वेणुगोपाल ने X पर लिखा है यह एक गैर-जिम्मेदारना और बेहद शर्मनाक और पूरी तरह से अनैतिक है!

दुनिया के दूसरे देशों ने अब तक क्या किया?

  • चीन ने अपने तेल निर्यात रोक दिया
  • श्रीलंका चार दिन वर्क वीक लागू किया
  • ऑस्ट्रेलिया अपने राज्य के कई शहरों में सार्वजनिक परिवहन सस्ता या मुक्त कर दिया
  • फिलिपींस ने राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया

क्या भारत में भी बढ़ सकते हैं पेट्रोल डीजल के दाम?

फिलहाल सरकार ने इस बारे में कोई बदलाव नहीं किया है, पेट्रोल डीजल के दाम जो पहले थे अभी भी उतने ही है,लेकिन विशेषज्ञ यह मानते हैं कि अगर तेल संकट लंबा चला तो आने वाले दिनों में एक पेट्रोल डीजल की कीमत बढ़ सकती है और सरकार कुछ पाबंदियां भी लागू कर सकती है!

बिहार पंचायत चुनाव 2026 :मधुबनी-दरभंगा के गांवों में आरक्षण की नई लिस्ट ने बढ़ाई नेताओं की धड़कन

Bihar panchayat Election Reservation Roaster: बिहार पंचायत चुनाव 2026 की राजनीति शुरू हो गई है,ग्रामीण इलाकों में राजनीतिक गतिविधियां काफी तेज देखे जा रही है!

ऐसा माना जा रहा है कि आरक्षण रोस्टर में बदलाव की चर्चा गांव की सियासत का पारा गर्म कर दिया है, चाय की टपरियों से लेकर पान की दुकानों तक आरक्षण की चर्चाएं तेज हो गई है!

मुखिया, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य और वार्ड सदस्य के पदों का आरक्षण स्वरूप में बदलाव की संभावना बताई जा रही है!

हालांकि इस बात की पुष्टि अभी आधिकारिक रूप से नहीं हुई है क्योंकि अभी तक कोई अधिसूचना प्रशासन की ओर से जारी नहीं की गई है लेकिन संभावित फिर बादलव की चर्चाएं राजनीतिक माहौल को पूरी तरह से गर्म कर दिया है!

इन्हे भी पढ़े: रात के अंधेरे में लोग Google से पूछ रहे हैं ऐसे सवाल, देखकर चकरा जाएगा दिमाग…

सीटों के बदले समीकरण से वर्तमान प्रतिनिधियों की बेचैनी बढ़ी

आरक्षण बदलाव के बाद मौजूदा नेताओं के सामने अस्तित्व का संकट गहरा गया है, कई पंचायत प्रतिनिधियों की आशंका इस बात को लेकर हो रही है कि आरक्षण पॉलिसी के अंतर्गत उन्हें चुनाव में मैदान से बाहर होना पड़ सकता है, यही वजह है कि वर्तमान जनप्रतिनिधियों ने अपने राजनीतिक समीकरण मजबूत करने और नई राजनीति समीकरण तैयार करने के कार्य में अभी से जुट गए हैं!

गांव की राजनीति में नए चेहरों की एंट्री से बढ़ी हलचल

संभावित आरक्षण बदलाव में नए दावेदार को उत्साह से भर दिया है, कई लोग अब खुल के चुनाव तैयारी में जुट गए हैं,ग्रामीण में संभावित उम्मीदवार अपने जनसंपर्क अभियान को भी तेज कर दिया है,और मतदाता को लुभाने का काम भी शुरू कर दिया है!

प्रशासनिक घोषणा का इंतजार

फिलहाल कितनी भी अटकलें लग जाए जब तक प्रशासनिक स्तर पर कोई घोषणाएं न हो जाए तब तक यह सिर्फ एक संभावना है,आरक्षण रोस्टर जारी होने के बाद ही पंचायत की चुनाव की तस्वीर पूरी तरह से साफ हो सकेगी, माना जा रहा है कि इस बार आरक्षण में संभावित बदलाव से कई पंचायत में राजनीति की दिशा दशा बदल सकता है!

रात के अंधेरे में लोग Google से पूछ रहे हैं ऐसे सवाल, देखकर चकरा जाएगा दिमाग…

आज का दौर डिजिटल का है. अब इंसान अपनी हर छोटी-बड़ी परेशानी का जवाब किसी दोस्त, रिश्तेदार या किताब में नहीं, बल्कि सीधे Google पर ढूंढता है. सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक, Google लोगों की जिंदगी का पार्ट बन चुका है. लेकिन हाल ही में सामने आए Google Search Data ने इंसानी सोच और भावनाओं की ऐसी तस्वीर दिखाई है, जिसने दुनियाभर के एक्सपर्ट्स को भी हैरान कर दिया….

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गूगल से आधी रात में भारतीय क्या-क्या पूछते हैं यह देखकर आपका सर भी चकरा जाएगा

आज का दौर डिजिटल का है इंसान हर छोटी- छोटी बड़ी समस्याओं का जवाब किसी दोस्त,रिश्तेदार या किताबों में नहीं ढूंढते बल्कि वह सीधे गूगल से पूछता है सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक गूगल लोगों की जिंदगी का एक हिस्सा बन चुका है, लेकिन हाल ही में जो सामने Data आया है, उसमें Google Search Data में इंसानी सोच है, भावनाओं के ऐसी तस्वीर दिखाई गई है जिसे दुनिया भर के गूगल एक्सपोर्ट्स को भी हैरान कर दिया!

इससे भी मजेदार और चौंकाने वाली बात यह है कि दुनिया में सबसे ज्यादा सर्च किए जाने वाले सवालों में ‘How to boil an egg’ यानी “अंडा कैसे उबाले” बेसिक सा सवाल शामिल है सुनने में यह सामान्य हो सकता है लेकिन इसके पीछे छिपी एक गहरी कहानी है!

दो दशकों तक गूगल में काम कर चुके डाटा एडिटर के मुताबिक साइर्च डेटा से सिर्फ हमें जानकारी नहीं मिलते बल्कि इंसानों के असल मानसिक स्थिति का पता चलता है, लोग इंटरनेट पर सिर्फ फिल्मी बातें, क्रिकेट स्कोर या राजनीति की बातें ही नहीं सर्च करते बल्कि अपने डर और सुरक्षा अकेलेपन और जिंदगी की रोज मर्रा की समस्याओं का भी जवाब तलाशते रहते हैं!

आधी रात में अक्सर सर्च किए जाने वाले सवाल कुछ इस प्रकार से देखने को मिलते हैं :

  • इंटरव्यू में कॉन्फिडेंस से कैसे बोले?
  • अपने तनाव को कैसे कम करें?
  • अकेलापन को कैसे दूर करें?
  • अंडे कैसे उबाले?
  • रात को जल्दी नींद कैसे आए?
  • लोग मुझे ना पसंद क्यों करते?
  • लोगों के सामने कैसे कॉन्फिडेंस देखें?
  • रिश्ते कैसे निभाया जाता है?

इन सब सवालों के बीच में अंडा कैसे उबाले इतना बड़ा सवाल क्यों है?

जब आप लोगों को यह बात बताएंगे की सबसे ज्यादा सर्च किए जाने वाला सवाल यह है कि अंडा कैसे उबाले तो लोगों को यह मजाक लग सकता है लेकिन एक्सपोर्ट मानते हैं कि यह सवाल आधुनिक समाज की एक बड़ी सच्चाई को दिखाता है यह दिखाता है कि आजकल लाखों लोग अकेले रह रहे हैं, और घर से दूर रह रहे हैं, और जिंदगी की बेसिक चीज खुद सीखने की कोशिश कर रहा है!

सोशल मीडिया के चमक Vs अंदर का अकेलापन

फेसबुक और इंस्टाग्राम पर लोग अक्सर जिंदगी को शानदार दिखाते हैं हर कोई खुश सफल पैसे वाले नजर आता है लेकिन वही लोग रात के अंधेरे में गूगल से निजी जिंदगी से जुड़े सवाल पूछते है.

यही वजह है कि आज Google Search Data इंसान की भावनाओं का सबसे बड़ा आईना बनता जा रहा है, यहां लोग बिना जजमेंट से अपना सवाल पूछते हैं, कोई ठोकेगा नहीं, ना कोई शर्मिंदा करेगा, ना कोई हंसेगा और ना कोई काउंटर क्वेश्चन पूछेगा.

इंटरनेट अब सिर्फ जिंदगी का हिस्सा नहीं है, बल्कि भावनात्मक सहारा भी

पहले लोग अपनी परेशानियां अपने रिश्तेदार अपने दोस्त अपने करीबी से शेयर करते थे अब भू ट्रेंड ऐसा हो चला है लोग अपने निजी जिंदगी से जुड़े सवाल अपने जिंदगी की परेशानियां गूगल से पूछते हैं गूगल पर सर्च करते हैं और वह लोग यह भी मान कर चलते हैं कि यहां जवाब मिलने की उम्मीद है,वह भी बिना किसी डर और शर्म के साथ, यही वजह है कि इंटरनेट सिर्फ टेक्नोलॉजी नहीं है बल्कि इंसानी भावनाओं का हिस्सा बन चुका है.

Bihar Politics: Tejashwi Yadav ने NDA को घेरा,सत्ता मे “शहज़ादो” का……..

Bihar Politics : बिहार के सम्राट सरकार में पूर्व सीएम नीतीश कुमार के बेटे निशांत समेत कई नेताओं के बेटों को मंत्री बनाया गया है। इधर इसपर प्रदेश की मुख्य विपक्षी पार्टी राजद ने एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोला है….

Bihar Cabinet: सम्राट चौधरी की अगुवाई मे बिहार सरकार ने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार गुरुवार को किया, बिहार के राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने 32 नए नेताओं को मंत्री की शपथ दिलाई! इस विस्तार में अगर CM और दोनों डिप्टी सीएम को भी अगर मिलाकर देखें तो मंत्रिमंडल का आकार 35 सदस्यों का हो गया है!

लेकिन इस मंत्रिमंडल विस्तार में खास चर्चा इस बात को लेकर हो रही है कि – ‘सन ऑफ सरकार’! जातीय और सामाजिक समीकरण को ध्यान में रखते हैं एनडीए सरकार ने ऐसी चेहरों पर अपना दावा लगाया है जिस पर आरोप लग रहे हैं कि यह किसी ने किसी राजनीति नघराने के विरासत के नीव पे खड़ी है!

तीन ऐसे चेहरे,जिनको मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है, जिनके पिता पूर्व में बिहार के मुख्यमंत्री थे

सम्राट चौधरी की कैबिनेट के वह तीन चेहरे जिनके पिता पहले बिहार के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर रह चुके हैं:

  • निशांत कुमार: नितीश कुमार 15 साल बिहार के मुख्यमंत्री रहे, निशांत कुमार ने पहली बार कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली है!
  • संतोष कुमार सुमन: संतोष कुमार सुमन पूर्व मुख्यमंत्री जीता राम मांझी के पुत्र नीतीश सरकार में मंत्री भी रहे हैं!
  • नितीश मिश्रा: तीन बार बिहार के मुख्यमंत्री रहे स्वर्गीय जगन्नाथ मिश्रा के पुत्र हैं!

CM सम्राट चौधरी और डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी भी विरासत की उत्तराधिकारी

  • सम्राट चौधरी (मुख्यमंत्री): आरजेडी से लेकर कांग्रेस तक के सफर करने वाले बिहार के पूर्व मंत्री शकुनी चौधरी के पुत्र है, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, पिता की राजनीति विरासत ने सम्राट चौधरी को नई ऊंचाई दी है!
  • विजय कुमार चौधरी (डिप्टी सीएम, जेडीयू ): अपने जमाने के सोशलिस्ट नेता और विधायक रहे जगदीश चौधरी के पुत्र!

पूर्व मंत्रियों के पुत्र और पुत्रियां

बिहार कैबिनेट में कई ऐसे नए और पुराने चेहरे है,जिनके पिता या परिवार के कई अन्य लोग दशकों से राजनीति में सक्रिय है:

  • दीपक प्रकाश: पूर्व केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा के पुत्र!
  • सुनील कुमार : पूर्व में मंत्री रहे चंद्रिका राम के पुत्र
  • लेशी सिंह : समता पार्टी के नेता भूटान सिंह की पत्नी
  • अशोक चौधरी : कांग्रेस के दिग्गज नेता कई बार मंत्री रहे महावीर चौधरी के पुत्र, नीतीश कुमारी कैबिनेट में मंत्री बने हैं
  • रमा निषाद : पूर्व सांसद अजय निषाद की पत्नी है और पूर्व केंद्रीय मंत्री कैप्टन जय नारायण निषाद की बहू है!
  • श्रेयसी सिंह : खेल प्रतियोगिताओं से डायरेक्ट सियासत में आने वाली विदेशी सिंह दूसरी बार मंत्री बनी है, श्रेयसी सिंह पूर्व केंद्रीय मंत्री दिग्विजय सिंह और पुतुल कुमारी की पुत्री है!

क्या ‘सरनेम’ का टैग सियासत का लॉन्चपैड बन गया है:

बिहार  के विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने इंडिया सरकार पर करारा हमला बोलते हुए पूछा कि क्या यह परिवार बात नहीं है 35 मंत्रियों में से 17 मंत्रियों पर ऐसे आरोप लगे हैं जो कहीं ना कहीं परिवारवाद से जन्मे है!

अगर बिहार की राजनीति को गहराई से देखें, तो एक बात साफ नजर आती है—यहां बड़े राजनीतिक सरनेम अक्सर सीढ़ी का काम करते हैं। जहां एक साधारण कार्यकर्ता को पहचान और टिकट पाने के लिए वर्षों तक संघर्ष करना पड़ता है, वहीं राजनीतिक परिवारों से आने वाले नेताओं के लिए सत्ता तक पहुंच का रास्ता अपेक्षाकृत आसान हो जाता है। सम्राट चौधरी की कैबिनेट ने भी यही संकेत दिया है कि बिहार की राजनीति में चेहरे बदल सकते हैं, लेकिन सत्ता के केंद्र में वही पुराने राजनीतिक परिवार लगातार बने हुए हैं। सम्राट चौधरी कैबिनेट के कई मंत्री कई चेहरे ऐसे हैं जो बिल्कुल नए हैं लेकिन अगर उसको आप डिटेल में विश्लेषण करेंगे तो पता चलेगा, चेहरे भले ही नया हो घराना वही पुराना है!

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कोरोना के बाद हन्ता वायरस का डर! जानिए कितना खतरनाक है यह वायरस

जिस समुद्री जहाज से हंता वायरस फैलने की खबर आई थी, वह इस हफ्ते के अंतिम तक कैनरी आईलैंड्स पे रुकने वाली है.

एमवी होडियंस जो एक जहाज का नाम है, यात्रा कर रहे पांच लोग हंता वायरस की संक्रमण की पुष्टि हुई है, जबकि आठ अन्य लोग संदिग्ध माना जा रहा है!

संक्रमित लोगों में एक टच महिला भी शामिल थीं जिनकी मौत हो चुकी है. इसके अलावा एक ब्रिटिश यात्री दक्षिण अफ्रीका के अस्पताल के आईसीयू वार्ड में भर्ती है, एक स्विच नागरिक का इलाज ज्यूरिख के अस्पताल में चल रहा है.

संदिग्ध मामलों में एक ब्रिटिश नागरिक,एक जहाज का एक डच क्रू सदस्य और एक जर्मन यात्री भी शामिल है! इनमें से दो लोगों को बेहतर इलाज के लिए नीदरलैंड ले जाया गया है, जबकि तीसरे व्यक्ति की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है!

हालांकि अब तक इनमें से किसी का रिपोर्ट हंता वायरस से पॉजिटिव की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन दोनों में लक्षण पाए गए हैं.वही दो अन्य ब्रिटिश यात्री संभावित संपर्क होने के कारण अपने घरों में आइसोलेशन में रह रहे हैं!

ब्रिटेन के स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी के अनुसार संबंधित यात्री यात्रा तो कर रहे थे,लेकिन शुरुआती चरण में ही वह जहाज़ से उतर गए थे,फिलहाल उसमें हंता वायरस जैसे कोई लक्षण दिखाई नहीं दिए हैं! यह जहाज अर्जेंटीना से अटलांटिक महासागर पार करते हुए कप वर्डे की ओर जा रहा था!

वहीं अमेरिका के एरिजोना और जार्जिया के राज्यों की सुरक्षा अधिकारियों ने BBC NEWS को बताया कि वह उन तीन यात्रियों पर निगरानी रख रहे हैं, जो जहाज के केप वर्डे पहुंचने से पहले उतरकर अमेरिका लौट गए थे! राहत की बात यह है कि इन यात्रियों में अब तक हंता वायरस के कोई लक्षण नहीं मिले हैं!

खबर यह है कि एमवी होडियंस नामक इस जहाज जो कैनरी आइसलैंड की ओर बढ़ रहा है, वहां पहुंचने के बाद घर लौटने से पहले मेडिकल जांच की जाएगी.

हंता वायरस का नाम कैसे पड़ा?

हंता वायरस का नाम दक्षिण कोरिया की “हंतान नदी” (Hantan River) के नाम पर रखा गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, इस वायरस परिवार की 20 से ज्यादा अलग-अलग प्रजातियां मौजूद हैं।

कैसे फैलता है हंता वायरस?

यह वायरस आमतौर पर संक्रमित चूहों, गिलहरियों और दूसरे रोडेंट्स के सूखे मल, मूत्र या लार के संपर्क में आने से फैलता है। जब संक्रमित धूल हवा में मिलती है और जब वही हवा इंसान लेता है,तब संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।

एंडीज़ वायरस क्यों है सबसे अलग?

एंडीज़ वायरस हंता वायरस की एक खास किस्म है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह वायरस एक इंसान से दूसरे इंसान में भी फैल सकता है, हालांकि ऐसे मामले बहुत कम देखे गए हैं।

यह वायरस मुख्य रूप से अर्जेंटीना और चिली जैसे दक्षिण अमेरिकी देशों में पाया जाता है, लेकिन हाल ही में दक्षिण अफ्रीका में भी इसके मामले सामने आए हैं।

दक्षिण अफ्रीका में मिले मामले

दक्षिण अफ्रीका के स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार, हाल ही में दो यात्रियों में एंडीज़ वायरस की पुष्टि हुई है। एक ब्रिटिश नागरिक जोहान्सबर्ग के अस्पताल में भर्ती है, जबकि एक डच महिला की इस संक्रमण के कारण मौत हो गई। इन मामलों के बाद स्वास्थ्य एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं।

कुछ साल (2018) पहले भी बड़ा प्रकोप

साल 2018 के आखिर में अर्जेंटीना में एंडीज़ वायरस का बड़ा प्रकोप देखने को मिला था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक पार्टी में शामिल हुए लोगों के जरिए संक्रमण फैला था। माना जाता है कि एक संक्रमित व्यक्ति ने अनजाने में 34 लोगों तक वायरस पहुंचा दिया, जिनमें से 11 लोगों की मौत हो गई थी।

हंता वायरस के लक्षण

हंता वायरस के लक्षण फ्लू जैसे हो सकते हैं, जैसे तेज बुखार, शरीर में दर्द, थकान, सांस लेने में दिक्कत, सिरदर्द, उल्टी और पेट दर्द। गंभीर मामलों में यह फेफड़ों और किडनी को भी नुकसान पहुंचा सकता है।

बचाव कैसे करें?

आपको एंडीज़ वायरस से बचाव के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना होगा। चूहों और गंदगी से दूरी बनाकर रखें, घर और आसपास सफाई रखें, बंद जगहों की सफाई करते समय मास्क पहनें, और संक्रमित जानवरों के संपर्क से बचें।